​Dosti Shayari in Hindi on Begana Sa Shahar


जलाने दो चराग हमे अंधेरे से अब डर लगता है,

बिन तेरे ऐ दोस्त मुश्किल सा ये सफर लगता हैं,

जो तू था साथ तो कुछ कमी भी नहीं थी हमें,

तेरे जाने के बाद बेगाना सा अपना ये शहर लगता है..