2 line shayari bhut sa pani

​बहुत सा पानी छुपाया है मैंने अपनी पलकों में​,

​जिंदगी लम्बी बहुत है,क्या पता कब प्यास लग जाए​।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है,

जो साज़ पर बीती है वो दर्द किस दिल को पता है।

कौन तोलेगा हीरों में अब तुम्हारे आंसू फ़राज़,

वो जो एक दर्द का ताजिर था दुकां छोड़ गया।

रूबरू आपसे मिलने का मौका रोज नहीं मिलता,

इसलिए शब्दों से आप सब को छू लेता हूँ।

जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है,

अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

तासीर किसी भी दर्द की मीठी नहीं होती ग़ालिब,

वजह यही है की आँसू भी नमकीन होते है।

मेरे टूटने का ज़िम्मेदार मेरा जौहरी ही है,

उसी की ये ज़िद थी की अभी और तराशा जाए।

रात के कितने पहर हैं.. क्या जाने,

तेरे इंतज़ार में मैने तारे हज़ार बार गिने।

ये सुर्ख लब, ये रुखसार, और ये मदहोश नज़रें..

इतने कम फासलों पर तो मयखाने भी नहीं होते।

अपने रब के फैसले पर,भला शक केसे करूँ,

सजा दे रहा है गर वो, कुछ तो गुनाह रहा होगा मेरा।

2 Line Shayari, Main tera aashiq hoon

Category: 2 Line Shayari, Hindi Shayari

में तो आशिक़ हु सिर्फ एक बार मरूँगा,

लेकिन मेरे ‎प्यार‬ की सच्चाई जानकर वो बार बार मरेंगी।
इंतेजार भी कितनी अजीब चीज हे ना खुद करे तो,

गुस्सा आता है, और.. दूसरा कोई करे तो अच्छा लगता है।

सुनो! या तो मिल जाओ, या बिछड जाओ,

यू साँसो मे रह कर बेबस ना करो।

कुछ रिश्ते दरवाज़े खोल जाते है,

या तो दिल के, या तो आँखों के।

उनसे कह दो कोई जाकर के की हमारी सजा कुछ कम कर दे,

हम पेशे से मुजरिम नही है बस गलती से इश्क हुआ था।

मसला तो सिर्फ एहसासों का है, जनाब,

रिश्ते तो बिना मिले भी सदियां गुजार देते हैं।

आदत नहीं है मुझे सब पे फ़िदा होने की पर तुझ में,

कुछ बात ही ऐसी है की दिल को समझने का मौका ही नहीं मिला।

हलकी फुलकी सी होती है जिन्दगी,

बोझ तो ख्वाहिशों का होता है।

हमारे महफिल में, लोग बिन बुलाये आते है,

क्यूकी यहाँ स्वागत में, फूल नहीं, दिल बिछाये जाते है।

तेरा अहसास.. साथ साथ बहुत नज़ाकत से मेरे साथ रहती है,

ख़्वाबों में भी.. साथ साये की तरह ही साथ साथ चलती है।