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दर्द शायरी

Jindgi ke ualagje

ज़िन्दगी के उलझे सवालो के जवाब ढूंढता हु कर सके जो दर्द कम, वोह नशा ढूंढता हु वक़्त से मजबूर, हालात से लाचार हु मैं जो देदे जीने का बहाना ऐसी राह ढूंढता हु

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Koshish n karu

कोशिश न कर तू सभी को ख़ुश रखने की, नाराज तो यहाँ कुछ लोग भगवान से भी हैं, मन की बात कह देने से फैसले हो जाते हैं, और मन में रख लेने से फासले हो जाते हैं!

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Meri jindgi

मेरी जिन्दगी को तन्हाई ढूँढ लेती है, मेरी हर खुशी को रुसवाई ढूँढ लेती है, ठहरी हुई हैं मंजिलें अंधेरों में कबसे, मेरे जख्म को गमे-जुदाई ढूँढ लेती है!

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Chalate rhe kadam

चलते रहे कदम.. किनारा जरुर मिलेगा, अन्धकार से लड़ते रहे सवेरा जरुर खिलेगा, जब ठान लिया मंजिल पर जाना रास्ता जरुर मिलेगा, ए राही न थक चल.. एक दिन समय जरुर फिरेगा। Good morning

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Kabhi ro ke muskuray

कभी रो के मुस्कुराए, कभी मुस्कुरा के रोए, जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए, एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा, जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के रोए.

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Khte rahe tum bhi

रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी, कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी, ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी, बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।

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Hasin bankar gunah kiya

हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया, औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया, पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को, औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया.

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