गुजरे है इस मुकाम…

गुजरे हैं इश्क़ में हम इस मुकाम से
नफरत सी हो गई है मोहब्बत के नाम से
हम वह नहीं जो मोहब्बत में रो कर के
जिंदगी को गुजार दे…
अगर परछाई भी तेरी नजर आ जाए
तो उसे भी ठोकर मार दें।