Jab see dekha

जब से देखा है तेरी आँखों मे झाक कर,

कोई भी आईना अच्छा नहीं लगता,

तेरी मोहब्बत मे ऐसे हुए हैं दीवानें,

तुम्हें कोई और देखें अच्छा नहीं लगता।

बात एक दीवाने की…

बड़ा मज़ा आता है उसे बार-बार मुझे सताने में,
क्यो भूल जाती है कि नहीं मिलेगा,
कोई मुझसा चाहने वाला इस जमाने में,
नहीं आए यकीं तो फिर आज़माकर देख लेना
कुछ बात अलग है इस दीवाने में,
तारीफ नहीं करता खुद की… मगर ये सच है…
कोई कसर नहीं छोडूंगा तेरा साथ निभाने में।

रोज़ मिलने को…

​आपसे रोज़ मिलने को दिल चाहता है​​,​
​कुछ सुनने सुनाने को दिल चाहता है​​,​
​था आपके मनाने का अंदाज़ ऐसा​​,​
​कि फिर रूठ जाने को दिल चाहता है​।